WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

computer ke parts कितनें होते हैं

नमस्कार दोस्तों! आज की आर्टिकल में, मैं आपको बताऊंगा computer ke parts कितने होते हैं? और उन computer ke parts का क्या-क्या काम होता है? दोस्तों आप जानते होंगे कंप्यूटर बहुत सारे पार्ट्स को मिलाकर नाम दिया गया है, इन पार्ट को मिलाकर कोई भी काम कर पता है।
दोस्तों आप में से बहुत सारे लोग बहुत कम जानते होंगे कि कंप्यूटर के कितने पार्ट्स होते हैं? दोस्तों अगर आप नहीं जानते कंप्यूटर के कितने पार्ट होते हैं, तो इस आर्टिकल में लास्ट तक बन रहे. यहां पर मैं आपको पूरी जानकारी विस्तार से देने वाला हूं.

कंप्यूटर क्या है

computer ke parts कितने होते हैं ? उसे जाने से पहले यहां पर हम जानेंगे असल में कंप्यूटर होता क्या है? बहुत सारे लोग कंप्यूटर देखे होंगे, परंतु उससे अगर आप परिभाषा पूछे तो वह इसका उत्तर नहीं दे पाएंगे. दोस्तों, अगर आप भी कंप्यूटर का परिभाषा नहीं दे पाते हैं तो इस आर्टिकल में मैं आपको बताने वाला हूं कंप्यूटर क्या है?

कंप्यूटर एक विद्युत से चलने वाला मशीन है जिसका इस्तेमाल डाटा को कैलकुलेशन करने के लिए किया जाता है। कंप्यूटर की मदद से बड़े-बड़े संख्याओं के डाटा को कुछ सेकेंड के अंदर या कुछ मिनट के अंदर कैलकुलेशन किया जाता है।

कंप्यूटर इंसानों के तुलना में कई तेजी से काम कर सकता है और बिना थकावट या लगातार काम कर सकता है।

computer ke parts कितने होते हैं

यदि आप भी नहीं जानते computer ke parts के बारे में तो मैं आपको बता दूं कंप्यूटर के दो पार्ट होते हैं फेरीफीरल डिवाइस और कॉम्पोनेंट। इन दो की मदद से कंप्यूटर को असेंबल किया जाता है

दोस्तों यहां पर हम जानेंगे कंप्यूटर को असेंबल कैसे किया जाता है? दोस्तों अपने जरुर सुना होगा कंप्यूटर में कीबोर्ड,माउस, सीपीयू, रैम, मॉनिटर यह सब होते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं यह सब मिलकर कैसे एक कंप्यूटर बनते हैं? दोस्तों अगर आप लैपटॉप इस्तेमाल करते हैं या इस्तेमाल करना चाहते हैं तो उसमें पोर्टेबिलिटी के साथ एक फिक्स प्राइस में सभी चीज एंबेड करके मिल जाएंगे।

आपको अलग से कुछ भी खरीदने की आवश्यक भी नहीं पढ़ेंगे।
अगर आप एक सिंपल पीसी या गेमिंग पीसी बनना चाहते हैं तो उसमें आपको पेरीफेरल डिवाइस और कंपोनेंट की आवश्यकता होगी तभी आप अपने आवश्यकता अनुसार बना सकते हैं। दोस्तों, यह जरूरी नहीं है कि अगर आप कंप्यूटर को असेंबल करना चाहते हैं तो एक ही ब्रांड की कंपोनेंट और पेरीफेरल्स उपयोग करें।

आप अलग-अलग ब्रांड का भी उपयोग करके बना सकते हैं, परंतु यहां पर आपके सामने दो विकल्प है आप चाहे तो एक ही ब्रांड के उपयोग करके बना सकते है या अलग – अलग ब्रांड का उपयोग करके कंप्यूटर असेंबल कर सकते हैं ।

दोस्तों! यहां पर हम बात करते हैं कंप्यूटर के पार्ट्स कितने होते हैं ? कंप्यूटर पेरीफेरल और कंपोनेंट से मिलकर बनाया जाता है। यह पेरीफेरल और कंपोनेंट क्या है और कितने प्रकार के होते हैं? इसके बारे में हम आगे जाने वाले हैं।

कंप्यूटर के कंपोनेंट क्या होता है

कंप्यूटर के कंपोनेंट वह हार्डवेयर होते हैं जिसे हम छू सकते हैं यानी कि यह फिजिकल होता है। हम इसे छूकर महसूस कर सकते हैं, इनको कंप्यूटर के कंपोनेंट कहा जाता है। कंप्यूटर के मदरबोर्ड और इसके साथ जुड़े जितने भी हार्डवेयर चीज होते हैं इन्हें कंप्यूटर कॉम्पोनेंट कहा जाता है। आपने कहीं पर कंप्यूटर सीपीयू बॉक्स जरूर देखा होगा नहीं तो आप नीचे फोटो पर देख सकते हैं।

इसके अंदर जो भी हार्डवेयर चीज उपयोग में लाए जाते हैं, इन्हें ही कंप्यूटर के कंपोनेंट कहा जाता है। जैसे किसी रैम, मदरबोर्ड, हार्ड डिस्क,एसएमपीएस इत्यादि।

कंप्यूटर कंपोनेंट के उदाहरण

  • हार्ड डिस्क : हार्ड डिस्क एक स्टोरेज डिवाइस है जिस पर हम किसी भी फाइल, फोटो, वीडियो और ऑडियो इत्यादि डाटा स्टोर करके रखते हैं। इसमें ही हम ऑपरेटिंग सिस्टम को इंस्टॉल करते हैं। इसके अलावा, हम किसी भी कार्य के लिए जो भी सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करते हैं वह भी हम इस हार्ड डिस्क डिवाइस पर ही इंस्टॉल करते हैं तभी हम कंप्यूटर में कोई भी काम को कर पाते हैं।
  • एसएसडी कार्ड : एसएसडी कार्ड एक छोटा सा पोर्टेबल डिवाइस है जिसका इस्तेमाल कंप्यूटर या लैपटॉप में डाटा या ऑपरेटिंग सिस्टम को इंस्टॉल करने के लिए क्या जाता है। हार्ड डिस्क डिवाइस और एसएसडी कार्ड में ज्यादा अंतर नहीं है। दोनों का काम एक ही है, परंतु हार्ड डिस्क की तुलना में एसडी कार्ड है महंगा होते हैं परंतु इसकी काम करने की तरीका तेज और ज्यादा टिकाऊ इसका रहता है।

  • मेमोरी : मेमोरी कार्ड, कंप्यूटर के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण पाठ में से एक है। जिसमें हम अपने जरूरी या महत्वपूर्ण डेटा को स्टोर करके रखते हैं और आवश्यकता होने पर हम उसे डाटा को दोबारा रेड भी कर लेते हैं। मुख्य रूप से कंप्यूटर में तीन प्रकार की मेमोरी देखने को मिल जाते हैं। एक है रैम और दूसरा है रोम मेमोरी इसके अलावा तीसरा है स्टोरेज डिवाइस
  • मदरबोर्ड : मदरबोर्ड कंप्यूटर के लिए एक केंद्रीय पार्ट है जो कंप्यूटर के सारे कंपोनेंट को कनेक्ट करता है। मदरबोर्ड को मदरबोर्ड के अलावा मैन बोर्ड और सिस्टम बोर्ड के नाम से भी जाना जाता है। इसमें प्रोसेस सॉकेट,स्टोरेज कनेक्टर,ग्राफिक कार्ड स्लॉट, इनपुट/आउटपुट कनेक्टर होते है।

  • Smps : एसएमपीएस का पूरा नाम होता है स्विच मोड पावर सप्लाई । यह एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो कंप्यूटर में इस्तिमल किया जाता है। यह इनपुट वोल्टेज को एक स्थिर वोल्टेज में परिवर्तन करता है और स्थिर इनपुट वोल्टेज को आउटपुट वोल्टेज में कन्वर्ट करता है। अगर मैं आपको आसान भाषा में बताऊं तो यह एक ट्रांसफॉर्म की तरह काम करता है कंप्यूटर के लिए।

  • Cpu : सीपीयू कंप्यूटर के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण पाठ में से एक है क्योंकि इसकी वजह से ही कंप्यूटर में कार्य संभव है। Cpu पर ही निर्भर करता कि कितना फास्ट और कितना धीमी कंप्यूटर काम कर सकता है. जिस तरह मनुष्य में दिमाग होती है किसी भी कार्य को सोचने और समझने के लिए, इस तरह कंप्यूटर में भी यह सिपियु का काम होता है.

  • DVD राइटर : डीवीडी राइटर का इस्तेमाल पहले ज्यादा किया जाता था। परंतु आजकल बहुत कम लोग इसका इस्तेमाल करते हैं. डीवीडी राइटर का उपयोग कंप्यूटर में सीडी और डीवीडी स्टोरेज डिवाइस की डाटा को रीड करने के लिए इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा, कंप्यूटर से डीवीडी और सीडी में डाटा को स्टोर करने के लिए भी डीवीडी राइटर का उपयोग करते हैं.

कंप्यूटर के पेरीफेरल्स क्या होता है

कंप्यूटर की पेरीफेरल्स वह चीज होते हैं जिसे हम देख सकते हैं छू सकते हैं और महसूस कर सकते हैं। दोस्तों मैं आपको बता दूं कंप्यूटर के पेरीफेरल और कंपोनेंट की परिभाषा में एक जैसा ही है परंतु यहां पर कुछ अंतर है। अगर आसान भाषा में आपको बताऊं तो कंप्यूटर के पेरीफेरल डिवाइस, वह डिवाइस होते हैं जो उपयोगकर्ता से डाटा को इनपुट और आउटपुट करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इन्हें पेरीफेरल डिवाइस कहते हैं। जैसे कि कीबोर्ड, माउस, मॉनिटर, स्पीकर और लेजर लाइट इत्यादि।

पेरीफेरल डिवाइस के प्रकार

दोस्तों अगर हम बात करें पेरीफेरल डिवाइस के प्रकार के बारे में तो यहां पर डिवाइस दो प्रकार के हैं। इनपुट डिवाइस और आउटपुट डिवाइस।

इनपुट डिवाइस क्या है

इनपुट डिवाइस कंप्यूटर में वह डिवाइस होते हैं जिसकी मदद से हम अपने इंस्ट्रक्शन को कंप्यूटर देते हैं। इनपुट डिवाइस भी कई सारे होते हैं। जैसे कि कीबोर्ड माउस, माइक इत्यादि।

  • Keyboard : कंप्यूटर को चलाने के लिए या कंप्यूटर को इंस्ट्रक्शन देने के लिए कीबोर्ड बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। जिसकी मदद से हम कंप्यूटर को इंस्ट्रक्शन देते हैं। कीबोर्ड इनपुट डिवाइस के अंतर्गत में आते हैं, इसकी मदद से टैक्स, संख्या और अन्य स्पेशल वर्णन को कंप्यूटर में इनपुट के लिए key का एक ग्रुप है।

  • माउस : माउस भी एक तरह का इनपुट डिवाइस है जो स्क्रीन पर किसी ऑप्शन पर क्लिक करने के लिए उपयोग किया जाता है। माउस आमतौर पर एक या दो बटन होते हैं और बीच में एक स्क्रोलिंग बिल होते हैं। माउस को हाथ से पकड़ कर सतह पर इधर-उधर घुमाया जाता है जिसे स्क्रीन पर करसल भी इधर-उधर हो जाते हैं। जैसे-जैसे माउस को इधर-उधर घुमाया जाता है इस तरह कंप्यूटर स्क्रीन में भी कर्सल भी इधर-उधर होते हैं। माउस का इस्तेमाल ऑब्जेक्टिव पार्ट को सेलेक्ट करने के लिए और किसी भी ऑप्शन पर क्लिक करने के लिए किया जाता है.
  • माइक: माइक पर एक तरह का इनपुट डिवाइस है परंतु यह ज्यादातर इस्तेमाल नहीं किया जाता है। यह सिर्फ उन लोगों इस्तेमाल करते हैं जो लोग कंप्यूटर पर वीडियो कॉल करते हैं या कोई भी स्पेशल कार्य करते हैं माइक की मदद से। आप इस माइक से अपने वॉइस को रिकॉर्ड कर सकते हैं या ऑनलाइन किसी से वीडियो चैट कर सकते हैं या बात कर सकते हैं

आउटपुट डिवाइस क्या है

आउटपुट डिवाइस कंप्यूटर में, वह डिवाइस होते हैं जिसकी मदद से हमें कंप्यूटर अपना परिणाम दिखता है। हम जो भी इंस्ट्रक्शन इनपुट डिवाइस के माध्यम से देते हैं ।वह उन्हें प्रोसेस करता है फिर आउटपुट डिवाइस पर हमें परिणाम दिखता है। आउटपुट डिवाइस भी कई सारे होते हैं जैसे मॉनिटर, प्रिंटर और स्पीकर इत्यादि।

  • मॉनिटर : मॉनिटर कंप्यूटर का एक आउटपुट डिवाइस है जो कंप्यूटर की स्क्रीन पर डाटा को डिस्प्ले करता है। मॉनिटर की मदद से ही हम कंप्यूटर के परिणाम को देख पाते हैं जैसे कि टैक्स इमेज वीडियो और ग्राफ की इत्यादि।
  • प्रिंटर : प्रिंट भी एक कंप्यूटर का आउटपुट डिवाइस है जो इलेक्ट्रॉनिक डाटा को हार्ड कॉपी में बदल देता है. इस प्रिंटर का इस्तेमाल आप कंप्यूटर में दिखाई दे रहे हैं टैक्स या डॉक्यूमेंट को आप अपने हार्ड कॉपी में चेंज करने के लिए कर सकते हैं. मार्केट में कई तरह की प्रिंटर उपलब्ध है कुछ प्रिंटर ऐसे होते हैं जो सिर्फ ब्लैक और सफेद रंग की दस्तावेज ही प्रिंट कर सकते हैं और कुछ ऐसे प्रिंटर होते हैं जो सभी रंगों में दस्तावेज को प्रिंट कर सकते हैं.
  • स्पीकर : दोस्तों, यह शायद मुझे आपको बाताने की जरूरत नहीं है कि स्पीकर क्या है? अगर आपको पता नहीं है तो मैं आपको बताता हूं. स्पीकर एक ऑडियो आउटपुट डिवाइस है जो इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल को ध्वनि में कन्वर्ट करता है। स्पीकर का उपयोग आप कंप्यूटर से म्यूजिक को सुनने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं.

अंतिम शब्द।

दोस्तों यहां पर मैंने आपको बताया है computer ke parts कितने होते हैं ? इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आप समझ गए होंगे कि कंप्यूटर के कितने पार्ट होते हैं और उस पाठ का क्या-क्या काम होता है? उम्मीद करता हूं यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा। यदि आप इसी तरह के आर्टिकल इस ब्लॉग की और पढ़ना चाहते हैं, तो ऊपर में दिए गए व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें।

Leave a comment